Thursday, 5 February 2015

पर्यटन के मानचित्र पर बिहार अग्रणी राज्य बनेगा:- मुख्यमंत्री

पटना, 04 फरवरी 2015:- बिहार में पर्यटन की काफी संभावनायें हैं, उसे आगे बढ़ाकर दूसरे राज्य के समकक्ष जाकर बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। बिहार प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के मामले में काफी समृद्ध है। पर्यटन के दृष्टिकोण से यहाॅ पर्यटकीय सुविधा बढ़ाकर बिहार को आगे बढ़ा सकते हैं। सबका सहयोग मिलेगा तो पर्यटन के मानचित्र पर देश के कही अन्य राज्यों से बिहार आगे बढ़ेगा और हम अपना परचम विदेशों में भी लहरायेंगे। आज मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माॅझी पर्यटन विभाग के अधीन पूर्ण हो चुकी कुल 3757.17 लाख रूपये की लागत से 26 योजनाओं का उद्घाटन एवं 11104.18 लाख रूपये की लागत से 33 नई योजनाओं का शिलान्यास रिमोट बटन दबाकर करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य विभाजन के पश्चात सारे संसाधन झारखण्ड राज्य में चले गये थे। अभी बिहार में हम जो कुछ कर पाये हैं, वह पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में हुआ है। बिहार बीमारू राज्य से उठकर ऐसे राज्य के रूप में आगे बढ़ रहा है, जिसे देश-दुनिया के लोग उत्सुकता से देखने आ रहे हैं कि बिहार ने बीमारू राज्य की श्रेणी से उठकर कैसे और किस रूप में आगे बढ़ने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि बिहार बाढ़ एवं सुखाड़ से निजात नहीं पा रहा है। लोग प्रभावित रहते हैं, बीच का रास्ता निकालने से अन्य रास्ता निकला है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की पहल से पर्यटन के रूप में इसका सकारात्मक लाभ मिला है। पर्यटन ही ऐसी विधा है, यदि हम सही रूप में आगे बढ़ें तो बाढ़ एवं सुखाड़ की त्रासदी को भूल सकते हैं और बिहार को उन्नत राज्य की श्रेणी में ला सकते हैं। प्रमाण स्वरूप आस-पड़ोस के कुछ राष्ट्र साठ से अस्सी प्रतिशत आय पर्यटन से प्राप्त करते हैं। पूर्वी एवं मध्य एशिया के कुछ देश बुद्धत्व, जैनत्व, सूफीवाद और हिन्दुत्व के शिव-पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं को आधार मानकर अपने पर्यटन को इस प्रकार विकसित कर रहे हैं कि मानो वह वहीं की चीज है और इसी स्वरूप में वे अपने पर्यटन को विकसित कर रहे हैं, जबकि यह सारी चीजें बिहार से संबंधित है। भगवान बुद्ध का जन्म नेपाल में हुआ लेकिन उनकी कर्मभूमि बिहार रही है, वहीं महावीर जैन का जन्मस्थली बिहार रहा। हिन्दुस्तान ही नहीं विश्व के पहले सूफी संत के रूप में बीबी कमाल जानी जाती है, जो जहानाबाद के काको की है। बिहार के विभूतियों की कीर्ति को लेकर चलें तो हमें काफी लाभ मिलेगा। राज्य में प्राकृतिक सौंदर्य भी प्रचूर है।
मुख्यमंत्री ने गोवा के पर्यटन का उदाहरण देते हुये कहा कि बिहार में सैंकड़ो ऐसे स्थान हैं, जहाॅ झरना स्थल को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित किया जा सकता है। ककोलत, कैमूर, राजगीर, सासाराम आदि विभिन्न झरना स्थलों पर थोड़ी राशि व्यय करने पर पर्यटन को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जहाॅ 2003 में 61 हजार देश-विदेशी पर्यटक आये थे, वहीं 2014 में बढ़कर पर्यटकों की संख्या 2 करोड़ 33 लाख 845 हो गयी है। पर्यटन से सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का हिस्सा 7 प्रतिशत एवं 10.2 प्रतिशत रोजगार का सृजन का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों के लिये मूलभूत एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। जन-मानस का सहयोग भी जरूरी है। विधि व्यवस्था ठीक रहनी चाहिये। विद्युत आपूर्ति, अच्छी सड़कें, अच्छे होटलों की व्यवस्था भी होनी चाहिये। पाॅच सितारा होटलों की कमी है। जैन, बुद्ध, सूफी सर्किट में अच्छी सड़कों के निर्माण और जन सुविधा को मुहैया कराने से विदेशों के पर्यटक यहाॅ रूकेंगे। इन सर्किटों में सड़कों के जाल बिछाने का कार्य प्रक्रिया में है। पर्यटन से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं होगी। राजगीर, बोधगया, वैशाली, पटना में फाइव स्टार होटलों का निर्माण होने से पर्यटक यहाॅ रूकेंगे भी। 2017 के प्रारंभ में सिख भाइयों का बहुत बड़ा आयोजन प्रकाश उत्सव पटना में होने वाला है, जिसमें 20 से 25 लाख श्रद्धालू भाग लेंगे। केन्द्र सरकार से इस आयोजन हेतु राशि की माॅग की गयी है। मुसलमान भाइयों के इज्तमा में भी चार से पाॅच लाख लोग आते हैं। पितृपक्ष, सोनपुर मेला में भी काफी संख्या में लोगों का आगमन होता है। यदि उन्हें सुख-सुविधा उपलब्ध करायेंगे तो देश एवं विदेशों के काफी पर्यटक यहाॅ आयेंगे और इससे हमारे राज्य का विकास होगा।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री जावेद इकबाल अंसारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के द्वारा पर्यटन को नई दिशा देने का काम किया गया, जिसे मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माॅझी द्वारा आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है, जो साइलेंट रहकर बिहार के विकास में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कहावत है कि जो दिखता है, वही बिकता है। कमियाॅ रही है कि हम अपने समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अब तक दुनिया को दिखा नहीं पाये हैं। हमारा प्रयास है कि ऐसी ब्रांडिंग करें कि देश एवं दुनिया के लोग यहाॅ आयें। पर्यटन विभाग मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माॅझी के निर्देशन में उतरोतर क्रियाशील है। बिहार में पहली बार मंदार पर्वत पर बिहार सरकार द्वारा रोप-वे का शिलान्यास कर कार्य आरंभ कर दिया गया है। बराबर पहाड़ी पर भी रोप-वे बनाये जाने की योजना है। बिहार का नाम रौशन हो, इसके लिये हमारा प्रयास है कि बिहार के हर उस स्थान जिसका इतिहास रहा है, ब्रांडिंग करेंगे। जल्द ही ब्राण्ड एम्बेसडर की नियुक्ति करने जा रहे हैं। बिहार के हर पर्यटन स्थल को दुनिया को बताने का काम करेंगे।
प्रधान सचिव पर्यटन डाॅ0 दीपक प्रसाद ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। प्रबंध निदेशक बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लि0 मोहम्मद सोहैल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पर्यटन मंत्री श्री जावेद इकबाल अंसारी ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर खान एवं भूतत्व मंत्री श्री राम लखन राम रमण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अमृत लाल मीणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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