Sunday, 21 December 2014

पैक्सों को अधिक से अधिक पारदर्षी बनायें:- मुख्यमंत्री


  

पटना, 21 दिसम्बर 2014:- सहकारिता की बड़ी आवश्यकता हिन्दुस्तान एवं बिहार के परिप्रेक्ष्य में है। जिन-जिन राज्यों में सहकारिता के क्षेत्र में कार्य हुआ है, उनकी अर्थव्यवस्था अच्छी हुयी है। किसान, मजदूर की स्थिति बेहतर हुयी है। बिहार में काॅपरेटिव बैंक अच्छा काम कर रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं। आज मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माॅझी बिहार राज्य सहकारिता बैंक लिमिटेड के 65वीं वार्षिक आम सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बैंकों की तुलना में काॅपरेटिव बैंक का सी0डी0 रेषियो अच्छा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकांे द्वारा हमारे पैसे का अन्य राज्यों के विकास में उपयोग हो रहा है, इस पर हमें ध्यान देना होगा। अधिक से अधिक सरकारी राषि सहकारी बैंकों में जमा हो, इसके लिये मुख्य सचिव एवं सचिव वित के साथ समीक्षा कर कार्रवाई की जायेगी। हाल में ही में पैक्स का चुनाव हुआ है एवं सभी जगह पैक्सों का गठन हो चुका है। पैक्स के संदर्भ में जहाॅ भी समस्या होगी, सुधार लायी जायेगी। सहकारिता के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी है। पैक्सों को अधिक से अधिक काम मिलेंगे तो इसकी व्यापकता बढ़ेगी और लोग भी जुड़ेंगे। हर परिवार का एक सदस्य पैक्स का सदस्य बने, आरक्षण का लाभ पैक्स में हो, इसके लिये कानून बनाने का कार्य करेंगे।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ प्रतिषत सूद को कम करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार द्वारा इसमें सहुलियत प्रदान की जायेगी। जिला 20सूत्री समिति में सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। नेषनल इन्ष्योरेंस कम्पनी से फसल बीमा कराने एवं बीमा किष्त की राषि कम करने पर विचार किया जायेगा। सहकारिता से ही बिहार के गरीब एवं मजदूरों का कल्याण होगा। यदि किसान ठीक होंगे तो मजदूर की भी स्थिति बदलेगी। सहकारिता को अधिक से अधिक बढ़ाया जाना चाहिये। पोल्ट्री, डेयरी आदि क्षेत्र के विभिन्न योजनाओं से सहकारी बैंकों को जोड़ा जायेगा।
     मुख्यमंत्री ने विभिन्न वर्गों की समस्याओं एवं माॅगों के संदर्भ में कहा कि रियलिस्टिक एप्रोच्च एवं वितीय स्थिति के अनुसार सभी वर्गों के माॅगों पर सरकार विचार करेगी। बजट 57 हजार करोड़ रूपये का तैयार किया गया है। योजना आयोग का स्वरूप बदल गया है। बिहार के बजट में कटौती की बात हो रही है। स्वच्छता मिषन, इन्दिरा आवास, मनरेगा, बी0आर0जी0एफ0 आदि योजनाओं में केन्द्र द्वारा कटौती की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंकों को कारगर रूप से काम करने का आह्वान करते हुये कहा कि इससे विभिन्न चिट-फंड कम्पनियों द्वारा की जा रही धोखाधड़ी पर नियंत्रण पाया जा सकता है और उनकी प्रासंगिकता खत्म हो जायेगी। उन्होंने कहा कि वैद्यनाथन कमिटी की अनुषंसा के आलोक में अधिक से अधिक स्वायतता आपको दी गयी है। पैक्सों को भी अधिक से अधिक पारदर्षी बनायें, जिससे आमजन को ज्यादा लाभ मिले। बिहार सरकार द्वारा सहकारिता आन्दोलन को हरसंभव सहयोग दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने अध्यक्ष बिहार राज्य सहकारिता बैंक लिमिटेड श्री रमेष चन्द्र चैबे से लाभांष का प्रतीक चेक प्राप्त करते हुये कहा कि लाभ प्राप्त हुआ है और अधिक लाभ दें। अंत में मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माॅझी ने सभी को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री रामधनी सिंह ने कहा कि सहकारी बैंकों को अधिक से अधिक ताकत दी जाय, जिससे आमलोगों को लाभ मिले।
प्रधान सचिव सहकारिता श्री राजेष गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारी बैंक लाभ प्राप्त करने वाला बैंक है। वैद्यनाथन कमिटी की अनुषंसा के आलोक में परिवर्तन लाया गया है। सभी सहकारी बैंक, शाखा कम्प्यूटरीकृत हो चुका है। राज्य सरकार द्वारा इसे नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है, फिर भी सरकार की विभिन्न योजनाओं में सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सहकारिता विभाग द्वारा गोदाम, गैसिफायर, राईस मिल आदि का निर्माण पैक्सों के माध्यम से कराया जा रहा है। सरकारी राषि सहकारी बैंकों में हो, इसके लिये प्रयास किये जायेंगे। निबंधक सहकारी सहयोग समितियाॅ श्री हुकूम सिंह मीणा ने कहा कि धान अधिप्राप्ति में यदि राषि में विलम्ब होता है तो राज्य खाद्य निगम को इसके लिये अधिक ब्याज दर देना होगा। सहकारी बैंकों की साख बनाना आवष्यक है। सहकारिता में सदस्य तो जोड़े गये हैं लेकिन अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यकों, वंचित वर्गों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। समावेषी विकास करना है तो इन्हें जोड़ना होगा।
इसके पूर्व अध्यक्ष बिहार राज्य सहकारिता बैंक लिमिटेड श्री रमेष चन्द्र चैबे ने स्वागत संबोधन में सहकारी बैंकों के कार्यकलाप के विषय में संक्षिप्त विवरण दिया। साथ ही उपलब्धियों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य सहकारिता बैंक लिमिटेड ने अपना सौ वर्ष पूरा कर लिया है। आज 65वीं वार्षिक आम सभा का आयोजन किया गया है। प्रथम अवसर है कि राज्य के मुख्यमंत्री वार्षिक आम सभा में उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि 22 जिलों में केन्द्रीय सहकारिता बैंक एवं 8,463 पैक्सों के माध्यम से सहकारिता के क्षेत्र में योगदान दिया जा रहा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के समक्ष अधिप्राप्ति के लिये प्राप्त राषि पर ब्याज दर कम करने एवं वितीय स्थिति सुदृढ़ करने के लिये सरकार के सहयोग का भी अनुरोध किया। जिला 20सूत्री समिति एवं कृषि टास्क फोर्स में भी सहकारिता प्रतिनिधि को सम्मिलित करने की माॅग की गयी। फसल बीमा नेषनल इंष्योरेंस कम्पनी से कराने एवं सरल प्रक्रिया सहित बीमा राषि में कमी का भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर बिस्कोमान के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सिंह, बिहार राज्य सहकारिता बैंक के निदेषक सह विधायक श्री जीतेन्द्र कुमार सिंह, काॅपरेटिव फेडरेषन के अध्यक्ष श्री विनय कुमार शाही, सभी सदस्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न प्रदान किया गया।

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