पटना, 20 जनवरी 2015:- निर्माणाधीन मलय बराज योजना में अनियमितता के आरोप में बारह अभियंताओं के विरूद्ध कार्रवाई करने का आदेश मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माॅझी ने दिया। मुख्यमंत्री सचिवालय से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में निर्माणाधीन मलय बराज योजना में स्वीकृत प्राक्कलन के विपरीत फिनिस्ट रेट से अलग हटकर भुगतान करने के परिवाद पर जाॅच उड़नदस्ता से जाॅच कराये जाने के बाद प्राप्त जाॅच प्रतिवेदन के आधार पर उपर्युक्त कार्रवाई की गयी। जिन अभियंताओं के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया गया है, वे यथा- तत्कालीन मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग डिहरी सम्प्रति मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग मुजफ्फरपुर श्री ओमप्रकाश अंबरकर, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता सोन नहर आधुनिकीकरण अंचल डिहरी सम्प्रति सेवानिवृत श्री वेदाकान्त पाठक, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमण्डल नावानगर सम्प्रति सेवानिवृत श्री आदित्य नारायण झा ‘अनल’, तत्कालीन सहायक अभियंता सिंचाई प्रमण्डल नावानगर सम्प्रति कार्यपालक अभियंता बिहार आपदा एवं पुनर्निर्माण सोसायटी पटना श्री सूर्यदेव पाण्डेय, तत्कालीन सहायक अभियंता सिंचाई प्रमण्डल नावानगर सम्प्रति अवर प्रमण्डल पदाधिकारी सिंचाई अवर प्रमण्डल संख्या- 3, दरखा शिविर, पकड़ीरामा श्री सुमन कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता सिंचाई प्रमण्डल नावानगर सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, अभियंता प्रमुख (मध्य) का कोषांग, जल संसाधन विभाग, पटना श्री अशोक सिंह ठाकुर, अवर प्रमण्डल पदाधिकारी सोन नहर, आधुनिकीकरण अवर प्रमण्डल संख्या- 2, सासाराम श्री लाल दास, अवर प्रमण्डल पदाधिकारी सिंचाई अवर प्रमण्डल नावानगर श्री धीरेन्द्र कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमण्डल भभुआ सम्प्रति लघु जल संसाधन विभाग श्री धु्रव नारायण, कनीय अभियंता सिंचाई प्रमण्डल नावानगर श्री ओमप्रकाश, कनीय अभियंता सिंचाई प्रमण्डल नावानगर श्री जीतेन्द्र कुमार भगत एवं कनीय अभियंता (संविदा) सिंचाई प्रमण्डल नावानगर श्री उमाकान्त प्रसाद हैं।
जाॅच उड़नदस्ता के जाॅच के क्रम में प्रथम दृष्टया उपर्युक्त सभी दोषी पाये गये पदाधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र ‘क’ में गठित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया है। कार्यरत पदाधिकारियों के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियम एवं अपील) नियमावली 2005 एवं सेवानिवृत पदाधिकारियों के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के अन्तर्गत विभागीय कार्रवाई संचालित किये जायेंगे। विभागीय कार्रवाई के संचालन हेतु अभियंता प्रमुख (उत्तर) जल संसाधन विभाग श्री राजेश कुमार को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षण अभियंता योजना एवं माॅनेटरिंग अंचल- 4 श्री जयकिशोर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है।
संवेदक के विरूद्ध भी 40.37 लाख रूपये के अतिरिक्त भुगतान किये जाने के संबंध में संवेदक के अन्य कार्यस्थलों पर किये जा रहे कार्यों के भुगतान को उक्त राशि की वसूली हेतु रोक लगाने की अनुशंसा भी जाॅच उड़नदस्ता द्वारा की गयी है। जाॅच उड़नदस्ता द्वारा अपने जाॅच में निविदा नियमों, वितीय नियमों, आपूर्ति किये गये सामग्री की गुणवत्ता में कमी, स्वीकृत प्राक्कलन के विपरीत आदि अन्य प्रकार के अनियमितताओं को प्रतिवेदित किया गया है।
जाॅच उड़नदस्ता के जाॅच के क्रम में प्रथम दृष्टया उपर्युक्त सभी दोषी पाये गये पदाधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र ‘क’ में गठित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया है। कार्यरत पदाधिकारियों के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियम एवं अपील) नियमावली 2005 एवं सेवानिवृत पदाधिकारियों के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के अन्तर्गत विभागीय कार्रवाई संचालित किये जायेंगे। विभागीय कार्रवाई के संचालन हेतु अभियंता प्रमुख (उत्तर) जल संसाधन विभाग श्री राजेश कुमार को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षण अभियंता योजना एवं माॅनेटरिंग अंचल- 4 श्री जयकिशोर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है।
संवेदक के विरूद्ध भी 40.37 लाख रूपये के अतिरिक्त भुगतान किये जाने के संबंध में संवेदक के अन्य कार्यस्थलों पर किये जा रहे कार्यों के भुगतान को उक्त राशि की वसूली हेतु रोक लगाने की अनुशंसा भी जाॅच उड़नदस्ता द्वारा की गयी है। जाॅच उड़नदस्ता द्वारा अपने जाॅच में निविदा नियमों, वितीय नियमों, आपूर्ति किये गये सामग्री की गुणवत्ता में कमी, स्वीकृत प्राक्कलन के विपरीत आदि अन्य प्रकार के अनियमितताओं को प्रतिवेदित किया गया है।
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