Monday, 13 April 2015

बिहार में एक राष्ट्रीय स्तर का गन्ना अनुसंधान संस्थान खुलेगा:- मुख्यमंत्री

पटना, 13 अप्रैल 2015:- आज अधिवेशन भवन पटना में गन्ना उद्योग विभाग द्वारा आयोजित किसान प्रशिक्षण एवं सम्मेलन, चीनी उत्पादन, लक्ष्य चुनौती एवं राह कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुये मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि बिहार में एक राष्ट्रीय स्तर का गन्ना अनुसंधान संस्थान खुलेगा, जिसका मुख्यालय चम्पारण में होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार गन्ना की खेती के लिये अच्छी जगह है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बिहार में 20 से 25 प्रतिशत चीनी बिहार से जाता था लेकिन केन्द्र की नीतियों के कारण बिहार और उतर प्रदेश का स्थान महाराष्ट्र ने ले लिया। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है गन्ना उद्योग का विकास हुआ है। आज बिहार के उद्योगों में गन्ना की खपत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारे यहाॅ चीनी के भरपूर स्टाॅक के बावजूद भी बाहर से चीनी क्यों आयात किया जा रहा है। हमारे यहाॅ के चीनी मिल के मालिकों को चीनी को निर्यात करने का प्रोत्साहन दिया जाना चाहिये। उन्हें सबसिडी मिले, इससे चीनी मिल को घाटा नहीं होगा तथा किसानों को गन्ना के कीमतों का भुगतान समय पर हो जायेगा। गन्ना की खेती होनी चाहिये। जहाॅ गन्ना की खेती होती है, वहाॅ समृद्धि आयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार चीनी मिल के मामलों में दोहरी नीति अपना रही है। महाराष्ट्र के किसानों को राहत केन्द्र सरकार द्वारा दी गयी। बिहार एवं उतर प्रदेश के चीनी मिल को भी राहत दी जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग में संकट है। उत्पादन के अनुसार चीनी की खपत नहीं हो रही है। पिछले सीजन में 99 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान किसानों को हुआ। इस सीजन में 60 प्रतिशत किसानों का भुगतान हुआ है। आज देश में 17 हजार करोड़ रूपये किसानों का बकाया है। केन्द्रीय खाद्य मंत्री श्री रामविलास पासवान ने चीनी मिल के लिये जो घोषणायें की थी, उस पर अमल नहीं हो रहा है। केन्द्र सरकार को अपनी घोषणाओं पर अमल करना होगा। जितना संभव हो, चीनी मिल मालिकों को सहायता मिलनी चाहिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अप्रैल को केन्द्रीय मंत्री खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण ने बैठक बुलायी है। मैंने गन्ना मंत्री श्रीमती रंजू गीता को यह निर्देश दिया है कि बिहार सरकार अपनी पूरी माॅग बैठक में रखे। बिहार के चीनी मिल मालिकों की स्थिति एवं किसानों की स्थिति के बारे में बतायें। केन्द्र सरकार द्वारा जो घोषणा की गयी है, उसे पूरा की जाय। उन्होंने कहा कि चुनाव में वायदा किया गया था कि विदेश से काला धन लायेंगे। काले धन से प्रत्येक नागरिक को पन्द्रह लाख रूपये मिलेंगे। बाद में यह कहा गया कि यह जुमला है। काले धन की तरह चीनी मिल मालिकों के साथ केन्द्र सरकार वादा नहीं करे। जुमलेबाजी से शासन नहीं चलता है। एक बार जो घोषणा हो जाय, चाहे जितनी भी मुसीबत हो, उस घोषणा को पूरा करना चाहिये। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने 32 रूपये प्रति क्विंटल की मदद दी है। आगे भी जो आवयकता होगी, बिहार सरकार मदद करेगी। हम इंतजार करेंगे कि केन्द्र सरकार द्वारा चीनी मिल के मालिकों एवं गन्ना किसानों को क्या राहत दी जाती है। उन्होंने कहा कि बिहार में चीनी उद्योग के साथ अलग बैठक करेंगे। जो भी संभव हो सकेगा, सहायता करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में कुछ लोगों के गले के नीचे विदेशी चीनी ही उतरती है। ऐसे लोगों के नाम पर ही चीनी का आयात होता है। भारत में चीनी का आयात बंद होना चाहिये, तभी गन्ना उद्योग की हालत में सुधार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना उद्योग को राहत पैकेज केन्द्र सरकार दे। उन्होंने कहा कि बिहार में स्थापित होने वाले राष्ट्रीय स्तर का एक गन्ना अनुसंधान संस्थान प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के सहयोग से उत्कृष्ट गन्ना अनुसंधान संस्थान होगा, इससे गन्ना किसान लाभान्वित होंगे। गन्ना की खेती बढ़े, गन्ना की खेती में लाभ हो, गन्ना उद्योग लाभ अर्जित करे। गन्ना किसानों को समय पर भुगतान हो। राज्य सरकार द्वारा जो भी सहयोग करने का पहल होगा, राज्य सरकार करेगी। उन्होंने इस बात पर पुनः जोर दिया कि चीनी का आयात बंद हो। गन्ना उद्योग को संकट से उबारने के लिये केन्द्र सरकार राहत पैकेज दे।
इस अवसर पर वित मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि सरकार चीनी मिल मालिकों के साथ शीघ्र बैठक कर उनके समस्याओं का समाधान करेगी। सूचना एवं जन-सम्पर्क, जल संसाधन तथा कृषि मंत्री श्री विजय कुमार चैधरी ने कहा कि सिंचाई एवं कृषि विभाग का सीधा संबंध गन्ना उद्योग से है। गन्ना फसल के सिंचाई के लिये अधिक पानी की जरूरत होती है। अन्य दूसरे फसलों को इतनी पानी की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण एवं पूर्वी चम्पारण में गोपालगंज के नहर से सिंचाई होती है। हमलोग नहर से पानी किसानों को देते हैं, जो सस्ता होता है। उन्होंने गन्ना किसानों से आग्रह किया कि वे सिंचाई के मामले में आधुनिक तकनीक का उपयोग करें।
इस अवसर पर गन्ना उद्योग मंत्री डाॅ0 रंजू गीता ने कहा कि गन्ना किसानों को प्रशिक्षित करने के लिये प्रखण्ड एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया है। आज राज्य स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गन्ना किसानों को प्रशिक्षण के लिये ब्राजील, फ्रांस एवं चीन भेजा जायेगा।
इस अवसर पर सचिव गन्ना उद्योग विभाग श्री संजय कुमार सिंह द्वारा स्वागत भाषण किया गया। अध्यक्ष बिहार एवं उतर प्रदेश शुगर मिल एसोसिएशन श्री श्री सी0वी0 पटौदिया, निदेशक आई0सी0ए0आर0 गन्ना प्रजनन संस्थान कोयम्बटूर श्री बख्शी राम, प्रबंध निदेशक हरि नगर शुगर मिल्स लिमिटेड श्री विवेक एम0 पित्ती ने भी सभा को सारगर्भित ढ़ंग से संबोधित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रबंध निदेशक तिरूपति शुगर मिल्स को बेहतर कार्य के लिये चैदह लाख रूपये का चेक प्रदान किया। गन्ना उद्योग मंत्री डाॅ0 रंजू गीता ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री डी0एस0 गंगवार, अध्यक्ष राज्य किसान आयोग श्री सी0पी0 सिन्हा, किसान चाची श्रीमती राजकुमारी देवी सहित सैंकड़ो किसान उपस्थित थे। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रिगा शुगर मिल लिमिटेड श्री ओ0पी0 धनुका ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम समाप्ति के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने शिवसेना नेता श्री संजय राउत के बयान मुस्लिमों से मताधिकार छिन लेना चाहिये, पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि यह नामुमकिन है। देश संविधान से चलेगा। किसी के कहने से नहीं चलेगा। देश का अपना संविधान है। संविधान के अनुसार देश चलता है।


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